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ऋग्वेद

Mandal 3 • Sukta 52 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 3 • सूक्त 52 • ऋचा / मन्त्र 7

3.52.7

Mantra ID: 3.52.7

पू॒ष॒ण्वते॑ ते चकृमा कर॒म्भं हरि॑वते॒ हर्य॑श्वाय धा॒नाः । अ॒पू॒पम॑द्धि॒ सग॑णो म॒रुद्भिः॒ सोमं॑ पिब वृत्र॒हा शू॑र वि॒द्वान् ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 3.52.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सूर्य सहित इंद्र! हम तुम्हारे लिए दही मिला सत्तू तैयार करते हैं. हे हरि नामक एवं हरे रंग के घोड़ों वाले इंद्र! तुम्हारे लिए हम जौ भूनते हैं. तुम मरुतों के साथ आकर पुरोडाश खाओ. हे वृत्रनाशक, शूर एवं विद्वान्‌ इंद्र! तुम सोम पिओ. (७)

EN English Translation

O Indra with the sun! We prepare sattu for you found curd. O Indra named Hari and with green horses! For you we fry barley. You come with the maruts and eat the purodash. O vrithrashakta, brave and learned Indra! You drink mon. (7)

卐 HinduText AI