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4.35.8
ये दे॒वासो॒ अभ॑वता सुकृ॒त्या श्ये॒ना इ॒वेदधि॑ दि॒वि नि॑षे॒द । ते रत्नं॑ धात शवसो नपातः॒ सौध॑न्वना॒ अभ॑वता॒मृता॑सः ॥ (८)
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ऋग्वेद मन्त्र 4.35.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे ऋभुओ! तुम शोभन कमो द्वारा देव बने थे एवं गिद्ध के समान स्वर्गलोक में बैठे थे. तुम बल, पुत्र एवं रत्नदान करो. हे सुधन्वा के पुत्रो! तुम मरणरहित हुए थे. (८)
EN English Translation
Hey, Lord! You were made gods by Shobhan Kamo and sat in paradise like a vulture. You give strength, son and gems. O sons of Sudhanva! You were without death. (8)