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6.21.12
स नो॑ बोधि पुरए॒ता सु॒गेषू॒त दु॒र्गेषु॑ पथि॒कृद्विदा॑नः । ये अश्र॑मास उ॒रवो॒ वहि॑ष्ठा॒स्तेभि॑र्न इन्द्रा॒भि व॑क्षि॒ वाज॑म् ॥ (१२)
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ऋग्वेद मन्त्र 6.21.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे मार्ग-निर्माता एवं विद्वान् इंद्र! तुम सुगम और दुर्गम दोनों प्रकार के मार्गो में हमारे आगे चलो. हे इंद्र! अपने श्रमरहित, महान् एवं वहनकुशल अश्वों द्वारा हमारे लिए अन्न लाओ. (१२)
EN English Translation
O the path-maker and scholar Indra! Walk ahead of us in both accessible and inaccessible routes. O Indra! Bring us food through your laborless, noble and affordable horses. (12)