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6.24.10
सच॑स्व ना॒यमव॑से अ॒भीक॑ इ॒तो वा॒ तमि॑न्द्र पाहि रि॒षः । अ॒मा चै॑न॒मर॑ण्ये पाहि रि॒षो मदे॑म श॒तहि॑माः सु॒वीराः॑ ॥ (१०)
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ऋग्वेद मन्त्र 6.24.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! तुम यज्ञकर्म के नेता यजमान की रक्षा करो एवं समीपवर्ती तथा दूरवर्ती शत्रुओं से उसे बचाओ. तुम घर में तथा जंगल में यजमान की रक्षा करो. हम शोभन-संतान वाले बनकर सौ वर्ष तक प्रसन्न रहें. (१०)
EN English Translation
O Indra! You protect the host, the leader of the yajnakarma, and save him from the near and distant enemies. You protect the host at home and in the forest. May we be happy for a hundred years to be a child. (10)