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6.24.7
न यं जर॑न्ति श॒रदो॒ न मासा॒ न द्याव॒ इन्द्र॑मवक॒र्शय॑न्ति । वृ॒द्धस्य॑ चिद्वर्धतामस्य त॒नूः स्तोमे॑भिरु॒क्थैश्च॑ श॒स्यमा॑ना ॥ (७)
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ऋग्वेद मन्त्र 6.24.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
वर्ष एवं मास इंद्र को बूढ़ा नहीं बनाते. दिन भी उन्हें दुर्बल नहीं करते. हमारी स्तुतियां सुनकर महान् इंद्र का शरीर बढ़े. (७)
EN English Translation
The year and month do not make Indra old. Even the days don't make them weak. Hearing our praises, the body of the great Indra grew. (7)