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6.52.8
यो वो॑ देवा घृ॒तस्नु॑ना ह॒व्येन॑ प्रति॒भूष॑ति । तं विश्व॒ उप॑ गच्छथ ॥ (८)
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ऋग्वेद मन्त्र 6.52.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे देवो! जो घी के मिले हुए हव्य द्वारा तुम्हारी सेवा करते हैं, तुम सब उसके पास जाओ. (८)
EN English Translation
Oh, God! Those who serve you by the mixed havya of ghee, all of you go to him. (8)