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ऋग्वेद

Mandal 7 • Sukta 2 • Mantra / Rik 10

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 7 • सूक्त 2 • ऋचा / मन्त्र 10

7.2.10

Mantra ID: 7.2.10

वन॑स्प॒तेऽव॑ सृ॒जोप॑ दे॒वान॒ग्निर्ह॒विः श॑मि॒ता सू॑दयाति । सेदु॒ होता॑ स॒त्यत॑रो यजाति॒ यथा॑ दे॒वानां॒ जनि॑मानि॒ वेद॑ ॥ (१०)

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ऋग्वेद मन्त्र 7.2.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वनस्पति! देवों को हमारे पास लाओ. अग्निरूप वनस्पति संस्कारक होकर देवों के प्रति हव्य को प्रेरित करें. वे ही देवों के बुलाने वाले बनकर यज्ञ करते हैं. वे देवों का जन्म जानते हैं. (१०)

EN English Translation

O vegetation! Bring the gods to us. Be a agni-shaped vegetable ritualist and inspire havya towards the gods. They are the ones who call the gods and perform yajna. They know the birth of gods. (10)

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