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ऋग्वेद

Mandal 7 • Sukta 2 • Mantra / Rik 8

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 7 • सूक्त 2 • ऋचा / मन्त्र 8

7.2.8

Mantra ID: 7.2.8

आ भार॑ती॒ भार॑तीभिः स॒जोषा॒ इळा॑ दे॒वैर्म॑नु॒ष्ये॑भिर॒ग्निः । सर॑स्वती सारस्व॒तेभि॑र॒र्वाक्ति॒स्रो दे॒वीर्ब॒र्हिरेदं स॑दन्तु ॥ (८)

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ऋग्वेद मन्त्र 7.2.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सूर्य की पत्नी भारती अर्थात्‌ अग्नि सूर्यसंबंधियों तथा इस मनुष्यलोक के देवों के साथ आवें. सरस्वती मध्यस्थित देवों के साथ पधारें. तीनों देवियां यज्ञ में कुशों पर बैठे. (८)

EN English Translation

The wife of the sun, Bharathi, i.e., Agni should come with the suryarishyas and the gods of this man.' Come with saraswati mediated gods. The three ladies sat on the kushas in the yajna. (8)

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