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7.28.2
हवं॑ त इन्द्र महि॒मा व्या॑न॒ड्ब्रह्म॒ यत्पासि॑ शवसि॒न्नृषी॑णाम् । आ यद्वज्रं॑ दधि॒षे हस्त॑ उग्र घो॒रः सन्क्रत्वा॑ जनिष्ठा॒ अषा॑ळ्हः ॥ (२)
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ऋग्वेद मन्त्र 7.28.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे शक्तिशाली इंद्र! जिस समय तुम ऋषियों के स्तोत्रों की रक्षा करते हो, उस समय तुम्हारी महिमा स्तुतिकर्ता को व्याप्त करे. हे उग्र इंद्र! जिस समय तुम अपने हाथ में वज्र पकड़े हो, उस समय कर्म द्वारा भयंकर बनकर शत्रुओं को असहनीय हो जाते हो. (२)
EN English Translation
O mighty Indra! At the time when you protect the saints' hymns, let your glory permeate the Praiser. O furious Indra! At the time when you are holding a thunderbolt in your hand, you become fierce by karma and become intolerable to the enemies. (2)