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ऋग्वेद

Mandal 7 • Sukta 6 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 7 • सूक्त 6 • ऋचा / मन्त्र 3

7.6.3

Mantra ID: 7.6.3

न्य॑क्र॒तून्ग्र॒थिनो॑ मृ॒ध्रवा॑चः प॒णीँर॑श्र॒द्धाँ अ॑वृ॒धाँ अ॑य॒ज्ञान् । प्रप्र॒ तान्दस्यू॑ँर॒ग्निर्वि॑वाय॒ पूर्व॑श्चका॒राप॑रा॒ँ अय॑ज्यून् ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 7.6.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

अग्नि यज्ञ न करने वाले, केवल बातें करने वाले, वचनों द्वारा हिंसा करने वाले, श्रद्धारहित व स्तुतियों द्वारा वृद्धि न करने वाले प्राणियों को दूर भगावें एवं प्रमुख बनकर अन्य यज्ञशून्यों को नीचा बनावें. (३)

EN English Translation

Drive away those who do not perform agni yajna, who only talk, who do violence by words, who do not increase by faith and praise, and become the chief and let down other yajnashonyas. (3)

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