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8.1.16
आ त्व१॒॑द्य स॒धस्तु॑तिं वा॒वातुः॒ सख्यु॒रा ग॑हि । उप॑स्तुतिर्म॒घोनां॒ प्र त्वा॑व॒त्वधा॑ ते वश्मि सुष्टु॒तिम् ॥ (१६)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.1.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! अन्य लोगों के साथ की जाती हुई अपने सेवक स्तोता की स्तुति सुनकर शीघ्र उसके पास आओ. हवि धारण करने वाले अन्य स्तोताओं की स्तुतियां भी तुम्हारे पास पहुंचें. इस समय मैं तुम्हारी शोभनस्तुति की कामना करता हूं. (१६)
EN English Translation
O Indra! Hear the praise of your servant Stota, who is being accompanied by others, and come to him quickly. Also come to you the praises of the other hymns who wear the haavi. At this time, I wish you a very goodwill. (16)