Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
8.1.19
इन्द्रा॑य॒ सु म॒दिन्त॑मं॒ सोमं॑ सोता॒ वरे॑ण्यम् । श॒क्र ए॑णं पीपय॒द्विश्व॑या धि॒या हि॑न्वा॒नं न वा॑ज॒युम् ॥ (१९)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 8.1.19 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अध्वर्यु लोगो! इंद्र के लिए सबसे अधिक नशीला एवं वरण करने योग्य सोमरस भेंट करो. हे इंद्र! तुम समस्त यज्ञकार्यों द्वारा प्रसन्न करने वाले एवं अन्न चाहने वाले यजमान को उन्नतिशील बनाओ. (१९)
EN English Translation
O adhwaryu logo! Offer the most intoxicating and selectable somras to Indra. O Indra! You make the host who pleases and wants food through all the sacrificial works to progress. (19)