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8.35.1
अ॒ग्निनेन्द्रे॑ण॒ वरु॑णेन॒ विष्णु॑नादि॒त्यै रु॒द्रैर्वसु॑भिः सचा॒भुवा॑ । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण च॒ सोमं॑ पिबतमश्विना ॥ (१)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.35.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अश्चिनीकुमारो! तुम अग्नि, इंद्र, वरुण, विष्णु, आदित्यों, रुद्रों, वसुओं उषा तथा सूर्य के साथ मिलकर सोमरस पिओ. (१)
EN English Translation
O aschinikumaro! You drink somras together with Agni, Indra, Varuna, Vishnu, Adityas, Rudras, Vasus, Usha and Surya. (1)