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8.70.2
वि॒द्मा हि त्वा॑ तुविकू॒र्मिं तु॒विदे॑ष्णं तु॒वीम॑घम् । तु॒वि॒मा॒त्रमवो॑भिः ॥ (२)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.70.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अनेक कर्मो वाले, अधिक देने वाले, अधिक के स्वामी एवं विशाल रक्षासाधनों वाले इंद्र! हम तुम्हें जानते हैं. (२)
EN English Translation
O Indra with many deeds, giving more, lord of more and with vast means of protection! We know you. (2)