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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 71 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 71 • ऋचा / मन्त्र 3

8.71.3

Mantra ID: 8.71.3

इ॒षा म॑न्द॒स्वादु॒ तेऽरं॒ वरा॑य म॒न्यवे॑ । भुव॑त्त इन्द्र॒ शं हृ॒दे ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.71.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! सोमरसरूपी अन्न के द्वारा तुम प्रसन्न बनो. वह तुम में शन्रुनिवारक क्रोध उत्पन्न करने के लिए पर्याप्त हो. सोम तुम्हारे हृदय में सुख उत्पन्न करे. (३)

EN English Translation

O Indra! Be pleased with the somarous food. He is enough to create a slanderous anger in you. May Mon create happiness in your heart. (3)

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