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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 76 • Mantra / Rik 4

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 76 • ऋचा / मन्त्र 4

8.76.4

Mantra ID: 8.76.4

पिब॑तं॒ सोमं॒ मधु॑मन्तमश्वि॒ना ब॒र्हिः सी॑दतं सु॒मत् । ता वा॑वृधा॒ना उप॑ सुष्टु॒तिं दि॒वो ग॒न्तं गौ॒रावि॒वेरि॑णम् ॥ (४)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.76.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अश्विनीकुमारो! मधुर सोमरस पिओ एवं शोभन कुशों पर बैठो. गौर मृग जिस प्रकार पानी पीने के लिए तालाब पर आते हैं, उसी प्रकार तुम बढ़कर हमारी स्तुति की ओर आओ. (४)

EN English Translation

O Ashwinikumaro! Drink the sweet somarah and sit on shobhan kushas. Just as gaur deer come to the pond to drink water, so you should go and come to our praise. (4)

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