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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 86 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 86 • ऋचा / मन्त्र 7

8.86.7

Mantra ID: 8.86.7

मा न॑ इन्द्र॒ परा॑ वृण॒ग्भवा॑ नः सध॒माद्यः॑ । त्वं न॑ ऊ॒ती त्वमिन्न॒ आप्यं॒ मा न॑ इन्द्र॒ परा॑ वृणक् ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.86.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! हमारा त्याग मत करो. हमारे साथ सोमरस पीकर तुम प्रसन्न बनो. तुम ही हमारे रक्षक बनो. तुम्हीं हमारे बंधु हो. तुम हमारा त्याग मत करो. (७)

EN English Translation

O Indra! Don't abandon us. Be pleased to drink somras with us. You become our protector. You are our brother. You don't abandon us. (7)

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