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9.1.6
पु॒नाति॑ ते परि॒स्रुतं॒ सोमं॒ सूर्य॑स्य दुहि॒ता । वारे॑ण॒ शश्व॑ता॒ तना॑ ॥ (६)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 9.1.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे सोम! सूर्य की पुत्री श्रद्धा तुम्हारे निचुड़े हुए रस को विस्तृत तथा नित्य दशापवित्र से शुद्ध करती है. (६)
EN English Translation
Hey Mon! The sun's daughter, Shraddha, purifies your loose juices with a wide and constant dashapavitra. (6)