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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 101 • Mantra / Rik 16

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 101 • ऋचा / मन्त्र 16

9.101.16

Mantra ID: 9.101.16

अव्यो॒ वारे॑भिः पवते॒ सोमो॒ गव्ये॒ अधि॑ त्व॒चि । कनि॑क्रद॒द्वृषा॒ हरि॒रिन्द्र॑स्या॒भ्ये॑ति निष्कृ॒तम् ॥ (१६)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.101.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोम भेड़ के बालों से बने दशापवित्र से छनते हैं. अभिलाषापूरक एवं हरे रंग वाले सोम शब्द करते हुए इंद्र के उत्तम स्थान को जाते हैं. (१६)

EN English Translation

Mon sifts from dashapavithra made of sheep's hair. Wishful and green coloured mons go to the best place of Indra by doing the word 'Som'. (16)

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