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9.101.8
समु॑ प्रि॒या अ॑नूषत॒ गावो॒ मदा॑य॒ घृष्व॑यः । सोमा॑सः कृण्वते प॒थः पव॑मानास॒ इन्द॑वः ॥ (८)
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ऋग्वेद मन्त्र 9.101.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
प्यारे एवं अत्यंत दीप्त स्तुतिवचन सोम की प्रशंसा करते हैं. शुद्ध होते हुए सोम अपने छनने के लिए मार्ग बनाते हैं. (८)
EN English Translation
The beloved and extremely bright praises praises of The Word Mon. Being pure, mon makes way for your filtering. (8)