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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 109 • Mantra / Rik 5

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 109 • ऋचा / मन्त्र 5

9.109.5

Mantra ID: 9.109.5

शु॒क्रः प॑वस्व दे॒वेभ्यः॑ सोम दि॒वे पृ॑थि॒व्यै शं च॑ प्र॒जायै॑ ॥ (५)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.109.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! तुम दीप्तिशाली बनकर देवों के लिए छनो तथा द्यावा-पृथिवी और प्रजा को सुख दो. (५)

EN English Translation

Hey Mon! You become a bright one and give happiness to the gods and to the people. (5)

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