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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 11 • Mantra / Rik 8

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 11 • ऋचा / मन्त्र 8

9.11.8

Mantra ID: 9.11.8

इन्द्रा॑य सोम॒ पात॑वे॒ मदा॑य॒ परि॑ षिच्यसे । म॒न॒श्चिन्मन॑स॒स्पतिः॑ ॥ (८)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.11.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे मन के ज्ञाता एवं स्वामी सोम! तुम इंद्र के पीने के लिए एवं नशा करने के लिए पात्रों में भरे जाते हो. (८)

EN English Translation

O knower of the mind and lord Som! You are filled in vessels for Indra to drink and to drink. (8)

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