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9.23.4
अ॒भि सोमा॑स आ॒यवः॒ पव॑न्ते॒ मद्यं॒ मद॑म् । अ॒भि कोशं॑ मधु॒श्चुत॑म् ॥ (४)
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ऋग्वेद मन्त्र 9.23.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
गतिशील सोम नशीला रस तथा रस टपकाने वाले कोश क्षरित करते हैं. (४)
EN English Translation
Dynamic som intoxicating juices and juice dripping shells are washed. (4)