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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 34 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 34 • ऋचा / मन्त्र 3

9.34.3

Mantra ID: 9.34.3

वृषा॑णं॒ वृष॑भिर्य॒तं सु॒न्वन्ति॒ सोम॒मद्रि॑भिः । दु॒हन्ति॒ शक्म॑ना॒ पयः॑ ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.34.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

अध्वर्यु आदि रस बरसाने वाले एवं हाथ में पकड़े हुए सोमरस को निचोड़ने वाले पत्थरों दवारा दुहते हैं. वे कर्मरूपी बल द्वारा सोमरसरूपी दूध दुहते हैं. (३)

EN English Translation

Adhwaryu etc. milk the stones that rain juices and squeeze the somers while holding it in their hands. They milk somersaform milk by the force of the work. (3)

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