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9.4.10
र॒यिं न॑श्चि॒त्रम॒श्विन॒मिन्दो॑ वि॒श्वायु॒मा भ॑र । अथा॑ नो॒ वस्य॑सस्कृधि ॥ (१०)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 9.4.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे सोम! तुम हमें घोड़ों के समान सर्वत्र जाने वाला तथा विचित्र धन दो एवं हमारा ण करो. (१०)
EN English Translation
Hey Mon! You give us the riches that go everywhere and as strange as horses, and take us. (10)