Popular:
ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 45 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 45 • ऋचा / मन्त्र 6

9.45.6

Mantra ID: 9.45.6

तया॑ पवस्व॒ धार॑या॒ यया॑ पी॒तो वि॒चक्ष॑से । इन्दो॑ स्तो॒त्रे सु॒वीर्य॑म् ॥ (६)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 9.45.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! जिस रसधारा को पीने वाले चतुर स्तोता को तुम शोभन वीर्य प्रदान करते हो, उसी धारा से नीचे बहो. (६)

EN English Translation

Hey Mon! Flow down the stream of rasadhara to which you provide the semen to the clever hymn that you drink. (6)

卐 HinduText AI