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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 61 • Mantra / Rik 20

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 61 • ऋचा / मन्त्र 20

9.61.20

Mantra ID: 9.61.20

जघ्नि॑र्वृ॒त्रम॑मि॒त्रियं॒ सस्नि॒र्वाजं॑ दि॒वेदि॑वे । गो॒षा उ॑ अश्व॒सा अ॑सि ॥ (२०)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.61.20 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! तुमने शत्रु वृत्र को मारा, प्रतिदिन संग्राम में भाग लिया एवं तुम गाएं तथा घोड़े देते हो. (२०)

EN English Translation

Hey Mon! You killed the enemy, you took part in the battle every day and you sing and give horses. (20)

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