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9.62.16
पव॑मानः सु॒तो नृभिः॒ सोमो॒ वाज॑मिवासरत् । च॒मूषु॒ शक्म॑ना॒सद॑म् ॥ (१६)
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ऋग्वेद मन्त्र 9.62.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
ऋत्विजों द्वारा निचोड़े गए सोम अपनी शक्ति से यज्ञस्थान में बैठने हेतु इस प्रकार जाते हैं, जैसे कोई युद्ध में जाता है. (१६)
EN English Translation
The Som, squeezed by the Ritvijas, goes to sit in the yagnasthan with his power as if one goes to war. (16)