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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 62 • Mantra / Rik 26

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 62 • ऋचा / मन्त्र 26

9.62.26

Mantra ID: 9.62.26

त्वं स॑मु॒द्रिया॑ अ॒पो॑ऽग्रि॒यो वाच॑ ई॒रय॑न् । पव॑स्व विश्वमेजय ॥ (२६)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.62.26 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे विश्व को कंपाने वाले एवं प्रमुख सोम! तुम हमारे स्तुतिवचनों को प्रेरित करते हुए अंतरिक्ष से जलवर्षा करो. (२६)

EN English Translation

O world-shaking and chief Mon! You pour water from space while inspiring our eulogies. (26)

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