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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 62 • Mantra / Rik 29

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 62 • ऋचा / मन्त्र 29

9.62.29

Mantra ID: 9.62.29

इन्द्रा॒येन्दुं॑ पुनीतनो॒ग्रं दक्षा॑य॒ साध॑नम् । ई॒शा॒नं वी॒तिरा॑धसम् ॥ (२९)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.62.29 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे ऋत्विजो! उग्र, बल के साधक, धनों के स्वामी एवं धन देने वाले सोम को इंद्र के लिए शुद्ध करो. (२९)

EN English Translation

Hey Ritvijo! Purify the fierce, seeker of force, lord of wealth and giving wealth for Indra. (29)

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