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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 63 • Mantra / Rik 14

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 63 • ऋचा / मन्त्र 14

9.63.14

Mantra ID: 9.63.14

ए॒ते धामा॒न्यार्या॑ शु॒क्रा ऋ॒तस्य॒ धार॑या । वाजं॒ गोम॑न्तमक्षरन् ॥ (१४)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.63.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

ये निचुड़ते हुए एवं उज्ज्वल सोम यजमानों के घरों की ओर गायों से युक्त अन्न देते हुए जल की धारा के रूप में नीचे गिरते हैं. (१४)

EN English Translation

These fall down as a stream of water, giving food containing cows towards the houses of the waning and bright Som hostesses. (14)

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