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9.63.28
पु॒ना॒नः सो॑म॒ धार॒येन्दो॒ विश्वा॒ अप॒ स्रिधः॑ । ज॒हि रक्षां॑सि सुक्रतो ॥ (२८)
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ऋग्वेद मन्त्र 9.63.28 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे दीप्तिशाली एवं शोभनकर्म वाले सोम! तुम धारा के रूप में छनते हुए सभी शत्रुओं और राक्षसों को मारो. (२८)
EN English Translation
O radiant and doomed mon! Kill all the enemies and monsters while filtering as you stream. (28)