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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 64 • Mantra / Rik 8

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 64 • ऋचा / मन्त्र 8

9.64.8

Mantra ID: 9.64.8

के॒तुं कृ॒ण्वन्दि॒वस्परि॒ विश्वा॑ रू॒पाभ्य॑र्षसि । स॒मु॒द्रः सो॑म पिन्वसे ॥ (८)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.64.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे रस भरे हुए सोम! तुम हमारी पहचान करते हुए हमारे लिए सभी रूप अंतरिक्ष से बरसाओ एवं हमें भांति-भांति का धन दो. (८)

EN English Translation

O juicy Mon! You identify us, and shower us of all forms from space and give us all kinds of wealth. (8)

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