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9.65.12
अ॒या चि॒त्तो वि॒पानया॒ हरिः॑ पवस्व॒ धार॑या । युजं॒ वाजे॑षु चोदय ॥ (१२)
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ऋग्वेद मन्त्र 9.65.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे मेरी उंगलियों से निचुड़े हुए एवं हरे रंग वाले सोम! तुम द्रोणकलश में जाओ एवं अपने मित्र इंद्र को संग्रामों में भेजो. (१२)
EN English Translation
O my fingers and green, Mon! You go to Dronakalash and send your friend Indra to the sangrams. (12)