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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 67 • Mantra / Rik 30

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 67 • ऋचा / मन्त्र 30

9.67.30

Mantra ID: 9.67.30

अ॒लाय्य॑स्य पर॒शुर्न॑नाश॒ तमा प॑वस्व देव सोम । आ॒खुं चि॑दे॒व दे॑व सोम ॥ (३०)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.67.30 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

आक्रमणकारी शत्रु का फरसा उसी का नाश करे. हे दीप्तिशाली सोम! तुम हमारे सामने आओ एवं सबका हनन करने वाले शत्रु को मारो. (३०)

EN English Translation

Let the invading enemy destroy him. O radiant Mon! Come before us and kill the enemy who is offending all. (30)

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