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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 85 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 85 • ऋचा / मन्त्र 6

9.85.6

Mantra ID: 9.85.6

स्वा॒दुः प॑वस्व दि॒व्याय॒ जन्म॑ने स्वा॒दुरिन्द्रा॑य सु॒हवी॑तुनाम्ने । स्वा॒दुर्मि॒त्राय॒ वरु॑णाय वा॒यवे॒ बृह॒स्पत॑ये॒ मधु॑मा॒ँ अदा॑भ्यः ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.85.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे स्वादयुक्त सोम! तुम दिव्य जन्म वाले देवों एवं शोभन नाम वाले इंद्र के लिए रस टपकाओ. तुम मधुर रस वाले एवं दूसरों द्वारा अपराजेय हो. तुम मित्र, वरुण, वायु और बृहस्पति के लिए रस बरसाओ. (६)

EN English Translation

O savoured Mon! You pour out juice for the gods of divine birth and Indra named Shobhan. You are with sweet juices and unbeatable by others. Shower juices for you friend, Varuna, Vayu and Jupiter. (6)

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