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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 94 • Mantra / Rik 4

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 94 • ऋचा / मन्त्र 4

9.94.4

Mantra ID: 9.94.4

श्रि॒ये जा॒तः श्रि॒य आ निरि॑याय॒ श्रियं॒ वयो॑ जरि॒तृभ्यो॑ दधाति । श्रियं॒ वसा॑ना अमृत॒त्वमा॑य॒न्भव॑न्ति स॒त्या स॑मि॒था मि॒तद्रौ॑ ॥ (४)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.94.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोम संपत्ति देने के लिए उत्पन्न होते हैं. सोम धन देने के लिए लताओं से निकलते हैं. सोम स्तोताओं को अन्न एवं आयु देते हैं. सोम से संपत्ति प्राप्त करके स्तोतागण अमर बन गए हैं. सोम के उत्पन्न होने पर युद्ध सफल होते हैं. (४)

EN English Translation

Mon are generated to give property. Mons come out of the vines to give money. Som gives food and age to the stotas. The Stotagans have become immortal by acquiring property from Mon. Wars are successful when Som is born. (4)

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