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सामवेद

Chapter / Prapathak 13 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 14

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 13 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 14

13.2.14

Mantra ID: 13.2.14

आ ययोस्त्रिँशतं तना सहस्राणि च दद्महे । तरत्स मन्दी धावति ॥ (१४)

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सामवेद मन्त्र 13.2.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप ध्वस्र और पुरुषंति के तीन सौ और तीन हजार वस्त्र हमें देने की कृपा कीजिए. आप की धाराएं वेग से बहती हैं. (१४)

EN English Translation

O Mon! Please give us three hundred and three thousand clothes of dust and masculinity. Your currents flow at a velocity. (14)

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