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सामवेद

Chapter / Prapathak 13 • Dashati / Sukta 4 • Mantra 7

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 13 • दशती / सूक्त 4 • मन्त्र 7

13.4.7

Mantra ID: 13.4.7

समिन्द्रेणोत वायुना सुत एति पवित्र आ । सँ सूर्यस्य रश्मिभिः ॥ (७)

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सामवेद मन्त्र 13.4.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप सूर्य की किरणों द्वारा चमकाए जाते हैं. आप पवित्र एवं सुपात्र में रखे जाते हैं. आप इंद्र और वायु को भेंट किए जाते हैं. (७)

EN English Translation

O Mon! You are shined by the sun's rays. You are kept in the sacred and worthy. You are gifted to Indra and Vayu. (7)

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