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सामवेद

Chapter / Prapathak 13 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 1

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 13 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 1

13.6.1

Mantra ID: 13.6.1

परि स्वानो गिरिष्ठाः पवित्रे सोमो अक्षरत् । मदेषु सर्वधा असि ॥ (१)

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सामवेद मन्त्र 13.6.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप पर्वतवासी, पवित्र, प्रसन्रतादायी और प्रसन्रतादायकों में सर्वश्रेष्ठ हैं. आप का रस धारा रूप में झर रहा है. (१)

EN English Translation

O Mon! You are the best mountaineer, holy, admiring and admirers. Your juice stream is springing in form. (1)

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