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सामवेद

Chapter / Prapathak 13 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 11

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 13 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 11

13.6.11

Mantra ID: 13.6.11

सुष्वाणासो व्यद्रिभिश्चिताना गोरधि त्वचि । इषमस्मभ्यमभितः समस्वरन्वसुविदः ॥ (११)

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सामवेद मन्त्र 13.6.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप धनदाता हैं. आप हमें श्रेष्ठ धन प्रदान करने की कृपा कीजिए. आप पृथ्वी के ऊपर निवास करते हैं. अनेक पत्थरों से कूट कर आप का रस निचोड़ा जाता है. (११)

EN English Translation

O Mon! You are a money giver. Please give us the best money. You live above the earth. Your juice is squeezed by crushing with many stones. (11)

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