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सामवेद

Chapter / Prapathak 13 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 14

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 13 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 14

13.6.14

Mantra ID: 13.6.14

महीमे अस्य वृष नाम शूषे माँश्चत्वे वा पृशने वा वधत्रे । अस्वापयन्निगुतः स्नेहयच्चापामित्राँ अपाचितो अचेतः ॥ (१४)

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सामवेद मन्त्र 13.6.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप महिमाशाली हैं और सुख बरसाते हैं. आप दुष्टों को हराते व शत्रु को हम से दूर करते हैं. आप उन सभी शत्रुओं को बलहीन बनाते हैं, नष्ट करते हैं, जो युद्ध में हमें हानि पहुंचाने वाले हैं. (१४)

EN English Translation

O Mon! You are glorious and shower happiness. You defeat the wicked and drive the enemy away from us. You weaken, destroy all those enemies who are going to harm us in war. (14)

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