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सामवेद

Chapter / Prapathak 15 • Dashati / Sukta 3 • Mantra 6

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 15 • दशती / सूक्त 3 • मन्त्र 6

15.3.6

Mantra ID: 15.3.6

प्र वाचमिन्दुरिष्यति समुद्रस्याधि विष्टपि । जिन्वन्कोशं मधुश्चुतम् ॥ (६)

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सामवेद मन्त्र 15.3.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोमरस मधु चुआता है. यह आवाज करता हुआ कलश को समुद्र की तरह लबालब भर देता है. (६)

EN English Translation

Someras is Madhu Chuata. It makes a sound and fills the urn like a sea. (6)

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