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सामवेद

Chapter / Prapathak 15 • Dashati / Sukta 7 • Mantra 5

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 15 • दशती / सूक्त 7 • मन्त्र 5

15.7.5

Mantra ID: 15.7.5

शूरो न धत्त आयुधा गभस्त्योः स्वा३ः सिषासन्रथिरो गविष्टिषु । इन्द्रस्य शुष्ममीरयन्नपस्युभिरिन्दुर्हिन्वानो अज्यते मनीषिभिः ॥ (५)

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सामवेद मन्त्र 15.7.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोम हाथों में शस्त्र धारण करते हैं और वीरों की भांति रथारूढ़ हैं. वे गोरक्षक, वीरों व इंद्र के बलवर्धक, यजमान के प्रेरक और दिव्य हैं. सोमरस को गोदुग्ध में मिलाया जाता है. (५)

EN English Translation

Soma holds arms in his hands and is like heroes. He is a cow protector, a strongman of heroes and Indra, an inspiration of the host and a divine. Someras is mixed in cow milk. (5)

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