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सामवेद

Chapter / Prapathak 15 • Dashati / Sukta 8 • Mantra 5

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 15 • दशती / सूक्त 8 • मन्त्र 5

15.8.5

Mantra ID: 15.8.5

वयं ते अस्य राधसो वसोर्वसो पुरुस्पृहः । नि नेदिष्ठतमा इषः स्याम सुम्ने ते आध्रिगो ॥ (५)

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सामवेद मन्त्र 15.8.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! हम आप का आश्रय चाहते हैं. आप सभी के द्वारा चाहे जाते हैं. आप हमें जो अन्नधन प्रदान करते हैं, उस से हम सुखी बनें. आप सूर्य के साथ वास करने वाले हैं. (५)

EN English Translation

O Mon! We want your shelter. You go by everyone. May we be happy with the food you give us. You are going to live with the sun. (5)

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