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सामवेद

Chapter / Prapathak 15 • Dashati / Sukta 8 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 15 • दशती / सूक्त 8 • मन्त्र 9

15.8.9

Mantra ID: 15.8.9

दिवो धर्त्तासि शुक्रः पीयूषः सत्ये विधर्मन्वाजी पवस्व ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 15.8.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप बलवान, चमकीले, अमृत के समान व स्वर्गलोक के धर्ता (धारण कर्ता) हैं. आप सत्य रूपी यज्ञ में प्रवाहित होने की कृपा कीजिए. (९)

EN English Translation

O Mon! You are strong, bright, like nectar and the dharta (possessor) of heaven. Please flow in the yajna of truth. (9)

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