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सामवेद

Chapter / Prapathak 16 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 12

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 16 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 12

16.1.12

Mantra ID: 16.1.12

एष प्रत्नेन जन्मना देवो देवेभ्यः सुतः । हरिः पवित्रे अर्षति ॥ (१२)

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सामवेद मन्त्र 16.1.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोम पवित्र और हरित कांति वाले हैं. देवताओं और उन की पीढठ़ियों द्वारा जन्म से ही पवित्रतापूर्वक उपयोग में लाए जाते हैं. (१२)

EN English Translation

Som is a holy and green one. They are used sacredly from birth by the gods and their generations. (12)

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