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सामवेद

Chapter / Prapathak 18 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 6

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 18 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 6

18.1.6

Mantra ID: 18.1.6

अच्छा नो याह्या वहाभि प्रयाँसि वीतये । आ देवान्त्सोमपीतये ॥ (६)

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सामवेद मन्त्र 18.1.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! आप सोमपान व देवताओं को हमारी ओर उन्मुख करने की कृपा कीजिए. (६)

EN English Translation

O agni! Please orient Sompan and the gods towards us. (6)

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