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सामवेद

Chapter / Prapathak 2 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 10

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 2 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 10

2.6.10

Mantra ID: 2.6.10

अस्ति सोमो अयँ सुतः पिबन्त्यस्य मरुतः । उत स्वराजो अश्विना ॥ (१०)

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सामवेद मन्त्र 2.6.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! हम ने साफ, छान कर यह सोमरस तैयार किया है. तेजस्वी मरुद्गण और अश्चिनी देवता इस सोमरस का पान करते हैं. (१०)

EN English Translation

O Indra! We have prepared this somerus by cleaning, filtering. The stunning Marudganas and Ashchini gods drink this Somras. (10)

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