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सामवेद

Chapter / Prapathak 2 • Dashati / Sukta 8 • Mantra 1

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 2 • दशती / सूक्त 8 • मन्त्र 1

2.8.1

Mantra ID: 2.8.1

यँ रक्षन्ति प्रचेतसो वरुणो मित्रो अर्यमा । न किः स दभ्यते जनः ॥ (१)

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सामवेद मन्त्र 2.8.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिस यजमान की रक्षा श्रेष्ठ ज्ञान वाले वरुण, मित्र तथा अर्यमा देवता करते हैं, उस यजमान का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता. (१)

EN English Translation

No one can dandy the host who is protected by Varuna, Mitra and Aryama Devta with superior knowledge. (1)

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